इटावा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम शंकर कठेरिया को आगरा जिला जज की अदालत से सोमवार को बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने सांसद रामशंकर कठेरिया की 2 वर्ष की सजा पर रोक लगा दी है।
शनिवार को आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को टोरेंट पावर अधिकारी के साथ मारपीट मामले में 2 साल की सजा सुनाई थी।
कोर्ट के फैसले के बाद माना जा रहा था कि रामशंकर कठेरिया की संसद की सदस्यता जा सकती है। आज भाजपा सांसद ने सजा के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपील की। जहां से उन्हें राहत मिल गई है।
जिला जज ने एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। अब उनकी सदस्यता नहीं जाएगी । बता दें कि आगरा की एमपी एमएलए कोर्ट ने बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया को दो अलग-अलग धाराओं में दर्ज मुकदमे में 2 साल की सजा सुनाई थी।
मामला टोरंटो बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ मारपीट से जुड़ा है। टोरंटो कंपनी की तरफ से बीजेपी सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।अदालत का फैसला आने के बाद कठेरिया ने कहा, मैं अदालत के आदेश का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं ऊपरी अदालत में अपील करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करूंगा।
16 नवंबर 2011 को हुई घटना को याद करते हुए कठेरिया ने कहा, यह एक अनुसूचित जाति की महिला से जुड़ा मामला था, जो आगरा के शमसाबाद रोड पर कपड़े इस्त्री करती है। उसने मुझसे टॉरेंट कंपनी से अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा, एक दिन महिला मेरे कार्यालय में आई और अत्यधिक बिल आने को लेकर आत्महत्या करने की धमकी दी।
सांसद ने कहा कि महिला की शिकायत सुनने के बाद उन्होंने टॉरेंट कार्यालय से संपर्क किया और वहां के अधिकारियों से बिल पर पुनर्विचार करने को कहा। उन्होंने कहा, 2011 में उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार थी और मेरे खिलाफ कई फर्जी मामले दर्ज किए गए थे।
