ग्रेटर नोएडा। ‘स्व’ के आत्मबोध से ही भारत विश्व गुरु बनेगा, क्योंकि भारत का ‘स्व’ ही विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। ‘स्व’ का आत्मबोध नहीं होने के कारण ही भारत को आक्रांताओं और अंग्रेजों ने आपस में लड़ाया और खंड-खंड कर भारत पर वर्षों तक शासन किया।